作曲:Salim Sadruddin Merchant,Sulaiman Sadruddin Merchant
作词:Amitabh Bhattacharya
हारी अँखियों का सपना भी हारा हारा
सूनी रतियों में जैसे कोई टूटा तारा
उम्मीद की बाती से क्यों लौ है रूठी रूठी
कैसे जलाऊँ फिर शमा
औलिआ मेरे रास्ता दिखा
औलिआ मेरे रास्ता दिखा हाय
गिरते को उठना सीखा हाय
औलिआ मेरे रास्ता दिखा
औलिआ मेरे रास्ता दिखा
ये औलिआ
आ
तूने हथेली की टेढ़ी लकीरों में दी हैं
नेमते या लिखी सज़ा है
हो हमने हमेशा सर आखों पे रखी है
जो भी तेरी रज़ा है
हो तेरी नज़र में सुना है कहीं ज़्यादा
दर्ज़ा दुआओं से है कोशिशों का
हो जो हो रहा है वो अंजाम है
कोशिशों का या हादसा है
है मेरे सामने आज दो कश्तियाँ
दिन किसी एक का ना ख़ुदा
औलिआ मेरे रास्ता दिखा
औलिआ मेरे रास्ता दिखा हाय
गिरते को उठना सीखा हाय
औलिआ मेरे रास्ता दिखा
औलिआ मेरे रास्ता दिखा
हू औलिआ आ हम्म