作曲:Yash Kadam
作词:Farhan Khan,Bhumi Maurya
चुपचाप मैं और बोलते हैं वो
फरिश्ते हैं 2 बैठे कंधे पे जो
ना बिलकुल भी बनती है दोनों की दोनों ही
होते ना चुप कहते मेरी सुनो बस
एक कहता ये काला है तोहमत
दूजा है चाहता कमाना बस शोहरत
पहला कहता सुन ईमान को खो मत
दूजे की हसरतें ज़िना और दौलत
एक कहता तू सरफिरा शायर है ढूंढता फिरता मोहब्बत क्यों गैरों में
दूजा है कहता एक जैसा खुदा बस्ता सबमें तो फर्क क्यों चेहरों में
एक बहना संग चाहता है लहरों के
दूजा बंद बैठा है खुद में ही कैद होके
एक को है उड़ना हवाओं में
दूजे को नीचे है रहना दफन होके
एक चाहता बस सोचूं मैं आज की
दूजे को परवाह है मरने के बाद की
मौत है लाजमी जिंदगी बेवफा माशूका
इसे तू करना नहीं आशिकी
पहले को पसंद है सादगी
दूजा नशे में तलब है शराब की
पहले को दिल हल्का करने को बातचीत
दूजा छुपाता सब रखता है राज ही
आवाजें आवाजें आवाजें आवाजें आवाजें आवाजें
ये खुद की ही खुद से हैं बातें क्या खुद ही हम खुद को भुला दें
या बातों ही बातों में बातें दबा दें हम बातें बनाके
पर देखूंगा खुद को मैं कैसे फिर आंखों से आंखें मिलाके
आवाजें आवाजें आवाजें आवाजें आवाजें आवाजें
ये खुद की ही खुद से हैं बातें क्या खुद ही हम खुद को भुला दें
या बातों ही बातों में बातें दबा दें हम बातें बनाके
पर देखूंगा खुद को मैं कैसे फिर आंखों से आंखें मिलाके
डूबा हूँ कर्जों में पहला है कहता की हिम्मत ना हार तू मंजिल को देख
दूजा है कहता की टूटेगा ख्वाबों का महल ना टिकती है पानी में रेत
आंखें भरी तेरी खाली है जेब
क्या भरेगा घर का तू ताली से पेट
पर देता दिलासा है पहला ये कहके ना फंसना ये बस आजमाइश का खेल
एक बोला की भाई तू देख
ये वक्त निकलता दिखाई ना दे
और दूजा है कहता ये वक्त है तेरा गुलाम
ये तेरी कलाई में है
कब्र अंधेरों में तेरी होगा ना तेरा खुदाई से मेल
पर पहला है कहता ना उतना मजा है मुकम्मल में जितना जुदाई में है
एक चाहता जवाब सवालों के
की कबतक रहेगा ख्यालों में
औ र दूजा है कहता ये दुनिया है पिंजरा ख्यालों में रहना आजाद होके
एक कहता की कबतक ही गालोगे कबतक छुपालोगे खुद को तुम गानों में
दूजा है कहता की जिक्रे खुदा होगा जबतक अज़ानों में तबतक नमाज़ों में
आवाजें आवाजें आवाजें आवाजें आवाजें आवाजें आवाजें