作曲:Harshvardhan Panchpal
作词:Amritiesh Pant
हो आजा मोरे साँवरे
आजा मोरे साँवरे
आजा मोरे साँवरे
हो गए हम तो बावरे
क्यूँ तरसाए रे दिल तेरी आह भरे
हुई अभी भोर ना
बाहें मेरी छोड़ ना
दिल की ये आहटें हैं
चूड़ियों का शोर ना
आजा मोरे साँवरे
हो गए हम तो बावरे
क्यूँ तरसाए रे दिल तेरी आह भरे
हुई अभी भोर ना
बाहें मेरी छोड़ ना
आहटें ये दिल की हैं
चूड़ियों का शोर ना
आता मोहे चैन ना
सारी सारी रैनवा
काली काली रतियों में
तू ही मेरा रहनुमा
नज़रों में झांक मेरी
मुझसे ले सांस मेरी
मिलना ये तेरा मेरा
पहले से तय हुआ
आता मोहे चैन ना
सारी सारी रैनवा
काली काली रतियों में
तू ही मेरा रहनुमा
नज़रों में झांक मेरी
मुझसे ले सांस मेरी
मिलना ये तेरा मेरा
पहले से तय हुआ
मन के जो पहनूं तो मन को नहीं लगते
सुलगते सुलगते
होंठ मेरे तन को नहीं लगते
मन के जो पहनूं तो मन को नहीं लगते
सुलगते
होंठ मेरे तन को नहीं लगते
आजा मोरे साँवरे
हो गए हम तो बावरे
क्यूँ तरसाए रे दिल तेरी आह भरे
हुई अभी भोर ना
बाहें मेरी छोड़ ना
दिल की ये आ हटें हैं
चूड़ियों का शोर ना
आजा मोरे साँवरे
हो गए हम तो बावरे
क्यूँ तरसाए रे दिल तेरी आह भरे
हुई अभी भोर ना
बाहें मेरी छोड़ ना
आहटें ये दिल की हैं
चूड़ियों का शोर ना
पास रुक जाओ आज शेह ना, शेह ना
जाओगे तो होगी मेरी सैर ना, सैर ना
आ गया जो बादल कहर का
वक्त कैसे होगा फिर दोपहर का
लबों से तो तेरे लेंगे ज़हर खा
देख ले तू आज़मा के मेहरमा
ये मज़ा जो दर्द है तो
फिर बाटना ही नहीं
दर्द मुझको तेरे सारे ज़हर का
हो गए हो तुम बस मेरे
करने नहीं देंगे हेर फेर ना
झील जैसी आँखों में ओ बैरी
रहना पड़ेगा तुम्हें तैर ना
हो गए हो त ुम बस मेरे
करने नहीं देंगे हेर फेर ना
झील जैसी आँखों में ओ बैरी
रहना पड़ेगा तुम्हें तैरना
तेरे ही हैं हम
कोई गैर ना
आ आ
है बस तेरी बाहों में ठहरना
बाहों में ठहरना
तेरे ही हैं हम
कोई गैर ना, गैर ना
है बस तेरी बाहों में ठहरना
ठहरना
खुले खुले आसमान में
चेहरे पे तेरी ही मैं
चाहती हूं ज़ुल्फ़ें बिखेरना
आजा मोरे साँवरे (आ आ)
हो गए हम तो बावरे
क्यूँ तरसाए रे दिल तेरी आह भरे (आ आ)
हुई अभी भोर ना (आ आ)
बाहें मेरी छोड़ ना (आ आ)
दिल की ये आहटें हैं (आ आ)
चूड़ियों का शोर ना (आ आ)
आजा मोरे साँवरे (आ आ)
हो गए हम तो बावरे (आ आ)
क्यूँ तरसाए रे दिल तेरी आह भरे (आ आ)
हुई अभी भोर ना
बाहें मेरी छोड़ ना
आहटें ये दिल की हैं
चूड़ियों का शोर ना (आ आ)